राहुल गांधी को हाईकोर्ट से झटका याचिका खारिज, दो साल की सजा को रखा बरकरार

Updated on:

राहुल गांधी

राहुल गांधी को एक बड़ा झटका देते हुए, गुजरात उच्च न्यायालय ने आपराधिक मानहानि मामले में उनकी दोषसिद्धि और दो साल की जेल की सजा पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। इस फैसले के परिणामस्वरूप उनकी संसद सदस्यता समाप्त हो गई है, जो उनके लिए एक बड़ा झटका है। गुजरात उच्च न्यायालय ने गांधी के खिलाफ 10 अतिरिक्त आपराधिक मानहानि शिकायतों के अस्तित्व को स्वीकार किया है। अदालत ने आगे कहा कि सत्र अदालत द्वारा जारी आदेश में इस मामले में किसी भी हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं है।

माननीय हाई कोर्ट ने कहा, राहुल गांधी बिल्कुल गैर-मौजूदा आधार पर दोषसिद्धि पर रोक लगाने की मांग कर रहे हैं। दोषसिद्धि पर रोक लगाने के लिए कोई नियम नहीं है। राहुल गाँधी के खिलाफ 10 मामले लंबित हैं।

राहुल गांधी मानहानि केस का फैसला
राजनीति में शुद्धता की आवश्यकता है। कैंब्रिज में गांधी द्वारा वीर सावरकर के खिलाफ शब्दों का इस्तेमाल करने के बाद वीर सावरकर के पोते द्वारा पुणे कोर्ट में राहुल गांधी के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई है। दोषसिद्धि पर रोक लगाने के लिए कोई उचित आधार नहीं है। दोषसिद्धि उचित और कानूनी है। दोषसिद्धि पर रोक आवेदक के साथ अन्याय होगा ।दोषसिद्धि पर रोक से गांधी की संसद सदस्य के रूप में बहाली का मार्ग प्रशस्त हो जाएगा।

राहुल के लिए 2024 के चुनावों की चुनौती
राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता को सूरत कोर्ट ने दो साल की सजा सुनाने के बाद रद्द कर दिया था। यदि राहुल को हाईकोर्ट से राहत मिलती तो उनकी सदस्यता बहाल हो सकती थी, लेकिन अब उनके लिए अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव की लड़ाई मुश्किल साबित हो रही है।

अब कौन सा विकल्प बचा है
राहुल गांधी को अपने मानहानि केस में कठिनाईयों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे पहले उन्हें निचली अदालत के सामने पेश होना पड़ा, फिर सेशंस कोर्ट की ओर जाना पड़ा और अब वह गुजरात हाईकोर्ट के सामने हैं। लेकिन हाईकोर्ट से भी राहत नहीं मिलने के बाद उन्हें अब सुप्रीम कोर्ट के पास जाना होगा। कांग्रेस नेताओं ने यह भी घोषणा की है कि वे इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देंगे। हालांकि,
उनके पास अभी भी हाईकोर्ट की उच्चतम पीठ के पास अपील करने का विकल्प है।

मामले का सारांश
राहुल गांधी पर मोदी सरनेम को लेकर विवादित टिप्पणी करने का आरोप है। उनको यह आरोप लगाया गया है कि 2019 में लोकसभा चुनाव के दौरान राहुल गांधी ने कर्नाटक के कोलार में एक रैली के दौरान मोदी सरनेम पर विवादित बयान दिया था। राहुल ने पूछा था कि क्यों मोदी को चोरों का उपनाम कहा जाता है?
बीजेपी नेता पूर्णेश मोदी ने राहुल के इस बयान को लेकर सूरत की अदालत में केस दर्ज किया है।

%d bloggers like this: